अंशिता नवोदय कोचिंग की कहानी किसी बड़े व्यवसायिक प्लान से नहीं, बल्कि एक माता-पिता के सच्चे अनुभव और संकल्प से शुरू हुई।
साल 2011 में सबसे पहले अपनी बेटी को जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किया गया—और उसका चयन हुआ।
इसके बाद 2013 में उसी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ अपने बेटे की तैयारी करवाई—उसका भी चयन हुआ।
तभी समाज से एक सवाल उठा—
“अपने बच्चे को पढ़ाकर सफलता दिलाना तो ठीक है, क्या हमारी बेटी को भी दिला सकते हो?”
यहीं से अंशिता नवोदय कोचिंग की वास्तविक नींव पड़ी।
पहली बाहरी छात्रा का सिर्फ़ 3 महीनों में चयन हुआ—और फिर यह सफ़र रुकने वाला नहीं था।
आज अंशिता नवोदय कोचिंग
➡️ अनुभव
➡️ अपनत्व
➡️ ईमानदार मार्गदर्शन
➡️ और चयन-केंद्रित तैयारी
का प्रतीक बन चुकी है—ख़ासकर ग्रामीण और सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए।
संस्थापक ने नवोदय की तैयारी को एक शिक्षक नहीं, एक माता-पिता के रूप में जिया है।
यही अनुभव बना—
🌟सरल और स्पष्ट पढ़ाई
🌟व्यक्तिगत मार्गदर्शन
🌟आत्मविश्वास पर ज़ोर
ऑफलाइन सफलता के बाद अब वही भरोसा
➡️ ऑनलाइन क्लासेस,
➡️ डिजिटल कोर्स,
➡️ और स्टडी ऐप के ज़रिए
हर बच्चे तक पहुँचाया जा रहा है।
अंशिता नवोदय कोचिंग—जहाँ लक्ष्य सिर्फ़ पढ़ाना नहीं, चयन तक पहुँचाना है।